हैदराबाद: चेतेश्वर पुजारा की बल्लेबाजी ने सबका दिल जीत लिया है और उनकी इस कामयाबी के बाद उन्हें टीम इंडिया का नया शूरवीर कहा जा रहा है. कुछ लोग उन्हें आने वाले कल की 'दीवार' बता रहे हैं तो कुछ की नजर में वे लक्ष्मण की तरह ही 'वेरी वेरी स्पेशल' है.राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण ने टेस्ट मैचों को अलविदा कहा तो लगा था कि इनके जाने के बाद कैसे होगी टीम में भरपाई. कौन लेग इन दो बड़े नामी बल्लेबाज़ों की खाली जगह को, कौन होगा वो नया खिलाड़ी जो टीम इंडिया की नींव बनेगा. लगता है इन सारे सवालों के जवाब अब मिल गए हैं.
जी हां, 24 साल के चेतेश्वर ही वो नया नाम, जिसने टीम इंडिया को उम्मीदों का नया आसमान दिया है. न्यूजीलैंड के खिलाफ हैदराबाद टेस्ट में शानदार शतक लगाकर ये संदेश दिया है कि उन पर भरोसा किया जा सकता है.
पुजारी तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे, ठीक द्रविड़ की तरह और सधी हुई पारी खेलकर सबको अपना मुरीद बना लिया.
गौर करने वाली बात ये है कि चेतेश्वर पुजारा का ये चौथा टेस्ट है. 2010 में पुजारा को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बैंगलोर टेस्ट में पहली बार खेलने का मौका मिला था. उस वक्त भी उन्होंने तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 72 रनों की पारी खेली थी. वो भी टेस्ट मैच की चौथी पारी में.
क्रिकेट पुजारा के खून में बसा है. चेतेश्वर पुजारा अरविंद पुजारा के बेटे हैं, जो रणजी की सौराष्ट्र टीम की ओर से 6 टेस्ट मैच खेल चुके हैं. चेतेश्नर के चाचा बिपिन पुजारा भी सौराष्ट्र की टीम का अहम हिस्सा रह चुके हैं. जाहिर है क्रिकेट उनके लिए किसी जुनून से कम नहीं है.
रणजी का रनवीर
चेतेश्वर पुजारा को रणजी का रनवीर भी कहा जाता है. 2007-08 रणजी सीजन में चेतेश्वर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज में एक रहे हैं.
2008-09 रणजी ट्रॉफी में उन्होंने उड़ीसा के खिलाफ तिहरा शतक लगाया था. रणजी के पूरे रिकॉर्ड की बात करें तो रणजी में पुजारा ने अभी तक कुल 64 मैच खेले हैं. जिसमें उन्होंने 4639 रन बनाए हैं. रणजी में 14 शतक और 21 अर्धशतक उन्होंने अपने नाम किए हैं. 302 रन उनका सर्वाधिक स्कोर रहा है.
तिहरा शतक
पुजारा टीम इंडिया को अपनी बल्लेबाजी से नया हौसला दे रहे हैं. आपको बता दें कि 2006 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में शतक लगा चुके हैं.
पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 349 रन अपने नाम किए थे. अंडर-19 में ही उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ दोहरा शतक जड़ा था. इसी वर्ल्ड कप में पुजारा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 97 और इंग्लैंड के खिलाफ 129 रनों की पारी खेली थी.
अंडर-14 में पुजारा ने खूब सुर्खियां बटोरी थी. जब बडौदा के खिलाफ उन्होंने तिहरा शतक ठोंक दिया था, जबकि अंडर-22 टूर्नामेंट में रहते हुए चेतेश्वर पुजारा दो तिहरे शतक लगा चुके हैं.
2008 के आईपीएल में शाहरुख की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें खरीदा था. इसी साल अक्टूबर में वो चैलेंजर ट्रॉफी के लिए चुन लिए गए थे, लेकिन उसके बाद पुजारा को लगी चोट से उनके करियर पर संकट के बादल मंडराने लगे थे, लेकिन जल्द ही वो इससे भी उबर गए और रणजी में महाराष्ट्र के खिलाफ दोहरा शतक लगाकर अपना हौसला वापस लिया और अब न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में वो खुद को साबित करने में जुटे हैं.
0 comments:
Post a Comment